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सूचना का सम्प्रेषण मुख्यतः तीन प्रकार से किया जा सकता है

  1. सिम्पलैक्स– इसके अन्तर्गत सूचना का संचरण केवल एक ही दिशा में होता है। अर्थात् इसके अन्तर्गत केवल प्रेषक को ही सूचना प्रेषित करने का अधिकार होता है। प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त की गई सूचना का उपयोग किया जाता है। उसके द्वारा सूचना का प्रेषण संभव नहीं होता है। उदाहरणत: टेलीविजन एक सिम्पलैक्स सम्प्रेषण का माध्यम है। इसके अन्तर्गत दर्शक प्रेषित की जा रही सूचनाओं को केवल देख पाते हैं वे इसका प्रत्युत्तर टेलीविजन के माध्यम से देने में सक्षम नहीं होते हैं।
  1. हॉफ डुप्लैक्स-इसके अन्तर्गत सूचनाओं का सम्प्रेषण द्विविमीय होता है। किन्तु एक बार में सूचना एक ही दिशा में सम्प्रेषित की जा सकती है। अर्थात् एक समय में एक व्यक्ति सूचना को भेजेगा तथा इसके प्राप्त होने के प्रश्चात् ही प्राप्तकर्ता अपनी सूचनाओं का सम्प्रेषण कर सकता है। उदाहरण-फैक्स मशीन में सूचना का सम्प्रेषण हॉफ डुप्लैक्स पर आधारित होता है।
  1. फुल डुप्लैक्स-इस तकनीक के अन्तर्गत सूचना को एक समय में दोनों दिशाओं में सम्प्रेषित करना संभव होता है। अर्थात् जब एक प्रेषक सूचनाओं को भेज रहा होता है तब वह उसी समय सूचनाओं को प्राप्त भी कर सकता है। इसी प्रकार जब एक प्राप्तकर्ता सूचनाओ को प्राप्त कर रहा होता है तब उसी समय वह सूचनाओं को प्रेषित भी कर सकता है। उदाहरण-कम्प्यूटर के माध्यम से किया जाने वाला सम्प्रेषण इसी तकनीक पर आधारित होता है।

सूचना एवं संचार की परिभाषाएँ-किसी ज्ञान का किसी भी माध्यम या प्रारूप में संचरण या चित्रण करना ही सूचना है, जिसके अन्तर्गत किसी भी प्रकार का लेख, संख्याएँ, चित्रात्मक तथ्य, आँकड़ों का विश्लेषण एवं श्रव्य-दृश्य वस्तुएँ सम्मिलित हों।

संचार सूचना के एक स्थान से दूसरे स्थान पर प्रभाव स्थानांतरण की एक कला एवं तकनीक है।

सूचना को विभिन्न माध्यमों द्वारा संचरित किये जाने का अध्ययन ही संचार है।

अतः सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सूचना के क्रियान्वयन हेतु एक आवश्यक तकनीक है। जब हम आई.सी.टी. का अध्ययन करते हैं तो पाते हैं कि इसका अर्थ हमारे अमूल्य समय एवं कार्यक्षमता की बचत से है।

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग-सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के कुछ उपयोगी बिन्दु निम्नलिखित है|

  • ई-मेल, टेलीफोन, सेलूलर फोन, टेलीविजन, फैक्स आदि के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक सूचना का तीव्र संचरण संभव है।
  • सूचना व सुरक्षा की दृष्टि से भी आई.सी.टी. महत्त्वपूर्ण है।
  • यह हमारे लेख संबंधी कार्यों की प्रभावी बनाती है
  • शोध कार्यों को गति प्रदान करती है।
  • आँकड़ों एवं सूचनाओं के एकत्रीकरण में सहायक है।
  • आँकड़ों एवं सूचनाओं के वृहद् संग्रहण में सहायक है।
  • इसके माध्यम से एक ही समय में एक सूचना कई व्यक्तियों द्वारा उपयोग में लाई जा सकती है ।
  • कम्प्यूटर तकनीक ने कार्य करने की गति व क्षमता में बढ़ोत्तरी की है।