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कंप्यूटर(Computer) शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी भाषा के शब्द “COMPUT” से हुआ है

जिसका अर्थ है गणना करने वाला

Generation of Computer (कंप्यूटर की पीढियां)

1 – 1946 – 1959

* इस पीढ़ी में वैक्युम ट्यूबों का प्रयोग किया जाता था।

* ये अधिक खर्चीली व जल्दी गरम होने वाली थी

Vacuum tubes

|| – 1960 – 1964

* इस पीढ़ी में ट्रांजिस्टरों का प्रयोग किया जाने लगा।

* इससे Computer काफी हल्का व छोटा हो गया।

Transistors

 III – 1965-1974

* इस पीढ़ी में IC का आविष्कार हुआ।

* Integrated Circuits

Integrated Circuits

 IV – 1975 – 1990     – (Microprocessor) LSIC – Large Scale Integrated Circuits

LSIC (Microprocessor)  – Large Scale Integrated Circuits

 V – 1991 से अब तक   –   VLSIC(Very Large-Scale Integration Circuits)

VLSIC(Very Large-Scale Integration Circuits)

– चार्ल्स बैबेज – आधुनिक कम्प्यूटर विज्ञान के जन्मदाता (पिता) 

– Microprocessor-CPU एक जटिल Electronic Circuit होता है। | यह सिलिकॉन की छोटी पट्टी पर बना होता है। इस पर कंप्यूटर की गति निर्भर होती है।

पहला Microprocessor IBM ने 1970 में बनाया था जो Intel 4004 था IBM Co. की स्थापना 1924 में हुई थी। 

-Computer का Heart   –    Motherboard 

Motherboard

-Computer का brain    –    CPU 

CPU 

-विश्व का पहला Electronic Computer ENIAC (Electronic Numerical integrator and calculator) था जिसे एकर्ट और मुचली ने बनाया था। 

-Computer साक्षरता दिवस – 2 Dec.

-भारत का प्रथम सुपर Computer परम 10,000 था जो 28 March 1998 को Launch किया गया। 

-भारत का सिलिकॉन सिटी – बैंगलोर

-विश्व का चौथा सुपर Computer Tataco. ने बनाया था जिसका नाम “एका” रखा गया। 

-Computer की सहायता से किया जाने वाला व्यापार E-Commerce कहलाता है। 

Languages भाषाएँ –

-Machine language – जो भाषा Computer समझता है, जो 0, 1 पर  आधारित होती है।

-Assembly language – इस भाषा का आविष्कार Machine भाषा में आ रही कठिनाई को दूर करने के लिए किया गया। इसमें नेमोनिक कोड का प्रयोग किया जाता है।

High Level Language :

-Fortran– Formula Translation यह भाषा वैज्ञानिक कार्यों के लिए प्रयोग की जाती है।

-Cobol – Common Business Oriented Language व्यापारिक उद्देश्यों के Software में प्रयोग की जाने वाली भाषा।

Basic – Beginner All purpose Symbolic Instruction Code. नये सीखने वालों के लिए उपयोगी 

C language :- इसका आविष्कार डेनिस रिची ने किया था।

– Assembler – Assembly भाषा को Machine भाषा में Change करने वाला प्रोग्राम

Interpreter – प्रोग्राम की एक – एक लाईन Check कर Machine भाषा में Change करता है। ये एक – एक लाईन Check करता है।

Compiler – उच्चस्तरीय भाषा में लिखे गए प्रोग्राम को Machine भाषा में Change करने वाला जो प्रोग्राम को एक साथ Compile करता है। 

Type of Computer – कार्य के आधार पर

Analog Computer– भौतिक मात्राओं की गणना 

Analog Computer

Digital Computer – Picture, Video, games के साथ-साथ और भी बहुत कार्य कर सकते हैं। 

Digital Computer

Hybrid Computer – Analog + digital आकार के आधार पर –

(1) Micro Computer 

(2) Mini Computer 

(3) Mainframe Computer (IBM 9000) 

(4) Super computer (10000)

Windows Operating System:  

Microsoft Company द्वारा  बनाया गया। इसका पहला संस्करण विंडोज 3.1 था। इसके पश्चात विंडोज 95, विंडोज 98, विंडोज 2000, विंडोज xp और विंडोज Vista, विंडोज 7, विंडोज 8 आदि 

वर्तमान में विंडोज 10 अपडेट version है 

(1) यह GUI (Graphical User Interface) ओपरेटिंग सिस्टम है।

(2) यह Multi task Operating System है।। | 

(3) यह लगभग सभी प्रकार के ऐप्लिकेशन सोफ्टवेयर को सपोर्ट करता है।

-Hardware – जिन्हें हम छू सकते हैं। 

Input – keyboard, Mouse, Joystick, Light Pen, Touchpad, Scanner, Barcode Reader 

Output – Monitor, Printer, Speaker, plotter (Graphs के लिए) 

Software – जो Computer में प्रोग्राम बने होते है जिन्हे हम छू नहीं सकते है।

Software तीन प्रकार के होते हैं। 

1. System Software : अपने PC को सुचारू व व्यवस्थित रूप से चलाने में प्रयुक्त Software को System software कहते हैं। उदाहरण – DOS, Windows, UNIX, LINUX 

2. Application Software : किसी विशेष कार्य को पूर्ण करने में प्रयुक्त Software को Application Software कहते हैं। 

उदाहरण :

(1) Ms – Word : लेखन संबंधी कार्य करने के लिए होता है। 

(2) Ms – Excel : इसे स्प्रेडशीट प्रोग्राम भी कहते हैं। इसमें रो एवं  कॉलम होते हैं। 

  • 256 (आई०वी०) कालॅम तथा 65536 रो होती हैं। | 
  • रो और कॉलम के इन्टरसेक्शन पाइंट को सेल(cell) कहते हैं। 

(3) Ms-Powerpoint : यूजर विषय के अनुरूप स्लाईड Presentation के लिए करता है।

3. Programming Languages : प्रोग्रामिंग भाषा कंप्यूटर सॉफ्टवेयर की तीसरी श्रेणी है जिसका उपयोग प्रोग्रामर अपने प्रोग्राम, स्क्रिप्ट और निर्देशों को लिखने के लिए करते हैं, जिन्हें कंप्यूटर द्वारा निष्पादित किया जा सकता है।

प्रोग्रामिंग भाषाओं के उदाहरण :

जावा(JAVA LANGUAGE), सी(C LANGUAGE), सी++(C++ LANGUAGE) और अन्य भाषाएं हैं।

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