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डाटा इन्टरप्रेटेशन

डाटा इन्टरप्रटेशन को हम निम्न प्रकार से परिभाषित कर सकते हैं

एक निश्चित विषय के अध्ययन के लिये प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के लिये सांख्यकीय प्रक्रियाओं का अनुप्रयोग / एप्लीकेशन डाटा इन्टरप्रेटेशन कहलाता है।

डाटा इन्टरप्रेटेशन शिक्षा व्यवस्था के अन्तर्गत विद्यार्थियों के मूल्यांकन हेतु ली जाने वाली परीक्षाओं के लगभग समान है। जिसमें परीक्षाओं में कुछ प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की एक विषय से संबंधित समझ एवं ज्ञान का आंकलन किया जाता है।

एक विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षा स्तर पर डाटा इन्टरप्रेटेशन समान हो सकता है। प्रवेश परीक्षाओं में भी विद्यार्थियों के स्तर को समझने के लिये डाटा इन्टरप्रेटेशन का प्रयोग किया जाता है। यह समझना आवश्यक है कि किसी समस्या के समाधान हेतु डाटा इन्टरप्रेटेशन किस प्रारूप में सम्पन्न किया जाए। यह तब अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाता है जब समस्या के अन्तर्गत उपलब्ध सूचनाएं सांख्यिकीय अथवा गणितीय प्रारूप में हों।

graph and chart

किसी प्रश्न के इन्टरप्रेटेशन के लिये चार्ट अथवा ग्राफ का प्रयोग किया जा सकता है, जिसके अन्तर्गत आंकड़े अथवा आंकड़ों का समूह भी सम्मिलित होता है जिसके माध्यम से विद्यार्थी निष्कर्ष तक पहुँचता है।

जब हम किस प्रश्न का समाधान डाटा इन्टरप्रेटेशन के माध्यम से करते हैं तो हमें यह समझना होगा कि निर्धारित चार्ट अथवा ग्राफ का क्या अर्थ है यदि इनमें संख्याएँ भी सम्मिलित हैं तो यह समझना होगा कि ये किसका निरूपण कर रही हैं। इसके साथ हमें चार्ट अथवा ग्राफ में प्रयुक्त संख्याओं हेतु पृथक से डाटा सेट तैयार करना होगा। अब डाटा सेट का निरीक्षण करते हुए हमें निष्कर्ष तक पहुंचना होगा। किसी समस्या का इन्टरप्रेटेशन करने के लिये अभ्यास की आवश्यकता होती है।

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